गुमला-सिमडेगा में 50 अगुवा पंचायत चयनित

Bishunpurयूनिसेफ ने विकास भारती के सहयोग से गुमला एवं सिमडेगा में 50 अगुवा पंचायत का प्रयोग शुरू किया है। इस प्रयोग में सर्ड स्थित झारखंड पंचायत महिला रिसोर्स सेंटर का भी सहयोग प्राप्त है।

विकास भारती के सचिव श्री अषोक भगत के अनुसार इस प्रयोग के लिए गुमला एवं सिमडेगा के पांच-पांच प्रखंडों की पांच-पांच पंचायतों का चयन किया गया है।
इन 50 पंचायतों के प्रतिनिधियों को 30 एवं 31 दिसंबर 2013 को विकास भारती के बिषुनपुर (गुमला) स्थित मुख्यालय में दो दिवसीय प्रषिक्षण दिया गया। इस दौरान यूनिसेफ के प्रोग्राम आफिसर श्री कुमार प्रेमचंद ने इस प्रयोग के मकसद पर प्रकाष डाला। उन्होंने बताया कि चयनित 50 पंचायतों को चाइल्ड फ्रेंडली अगुवा पंचायत बनाने का प्रयास किया जायेगा। इन पंचायतों में बच्चांे एवं महिलाओं से जुड़े विषयों पर पंचायत प्रतिनिधियों को खास तौर पर प्रषिक्षण दिया जायेगा।

Bishunpur-1झारखंड पंचायत महिला रिसोर्स सेंटर के राज्य समन्वयक डॉ विष्णु राजगढि़या ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा पंचायतों को दिये गये अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को आंगनबाड़ी, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, जनवितरण प्रणाली, मानव तस्करी जैसे विषयों में पंचायत की भूमिका पर भी प्रकाष डाला।

प्रषिक्षण में आये पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी पंचायतों को इस प्रयोग हेतु चयनित किये जाने पर प्रसन्नता जतायी। विकास भारती की ओर से श्री महेंद्र भगत ने इस प्रयोग को विकास भारती और यूनिसेफ की एक महत्वपूर्ण पहल बताया। विकास भारती के कार्यक्रम अधिकारी श्री निखिलेष मैती के अनुसार इस प्रयोग से झारखंड में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूती आर नयी दिषा मिलेगी।