चित्रकारों की नजर में ग्रामीण विकास

painting-9 रांची: राज्य ग्रामीण विकास संस्थान में 20 से 22 सितंबर तक तीन दिवसीय पेंटिंग कार्यषाला हुई। इसमें राज्य के बीस प्रमुख चित्रकार शामिल हुए। आम तौर पर ऐसी कार्यषाला का कोई विषय नहीं होता। लेकिन सर्ड के दक्षिणी परिसर, कालू बगान में आयोजित इस कार्यषाला में एक नया प्रयोग किया गया। इसमें कलाकारों को एक थीम दी गयी- ग्रामीण विकास की एक झलक। हालांकि इस थीम का कोई बंधन नहीं रखा गया। प्रारंभ में ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि कलाकारों से किसी भी प्रचार या नारेबाजी की अपेक्षा नहीं है, बल्कि हर कलाकार अपनी स्वंतत्र अभिव्यक्ति के माध्यम से किसी भी आयाम पर अपनी कूची चला सकता है। इसके कारण कलाकारों ने इसमें खुलकर हिस्सा लिया।

इस कार्यषाला में कलाकारों ने बेहतरीन कला अभिव्यक्ति का प्रदर्षन करते हुए तीन दिनों के भीतर उत्कृष्ट पेंटिंग्स का निर्माण करके इस प्रयोग को प्रासंगिकता दी। पहले दिन उद्घाटन करते हुए सर्ड के निदेषक श्री आरपी सिंह ने कहा कि इस पेंटिंग कार्यषाला का उद्देष्य झारखंड के ग्रामीण विकास संबंधी गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को समन्वित करना है। इस कार्यषाला से यह समझने में मदद मिलेगी कि कलाकारों की नजर में ग्रामीण विकास का मतलब क्या है। साथ ही, इससे राज्य के विकास में कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी सामने लाना संभव होगा। उन्होंने कहा कि कार्यषाला में बनी पेंटिंग की प्रदर्षनी दो अक्तूबर को सर्ड में की जाएगी।

पेंटिंग कार्यषाला के उद्घाटन में यूनिसेफ के प्रोग्राम आफिसर कुमार प्रेमचंद ने कहा कि समाज के सकारात्मक परिवर्तन को सामने लाने में संस्कृतिकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह कार्यषाला एक अभिनव प्रयोग है। उन्होंने पंचायतों में महिला सषक्तिकरण की थीम पर ऐसी ही कार्यषाला करने का सुझाव दिया जिसे सर्ड निदेषक ने तत्काल स्वीकार कर लिया।

इस कार्यषाला के आयोजन में प्रमुख भूमिका निभा रहे झारखंड पंचायत महिला रिसोर्स सेंटर के राज्य समन्वयक डॉ विष्णु राजगढि़या ने कहा कि वह ऐसी पेंटिंग कार्यषाला आयोजित करने का सपना पिछले दस साल से देख रहे थे, जो अब सर्ड के निदेषक के सहयोग से साकार हुआ है।

कार्यषाला के अंतिम दिन ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री राधेष्याम पोद्दार ने समापन समारोह में शामिल होकर कलाकारों को प्रमाणपत्र दिये। इस दौरान उन्होंने विकास संबंधी अवधारणाओं में कलाकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लोगों में नयी चीजों के बारे में जागरूकता लाने तथा जनभावना को प्रदर्षित करने में विभिन्न कलारूपों की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री पोद्दार ने कार्यषाला में बनी प्रत्येक पेंटिंग के बारे में उनके कलाकारांे से बात की और सराहा।

कलाकार श्री दिनेष सिंह ने इस पेंटिंग कार्यषाला के संयोजक का दायित्व निभाया। कार्यषाला के सत्र-निदेषक राजीव रंजन थे। इस पेंटिंग कार्यषाला मेंRS-Poddar कलाकारों ने अपनी पेंटिंग्स में झारखंड के ग्रामीण परिवेष को अपने रंगों में दिखाने और विकास संबंधी गतिविधियों को कलात्मक रूप में प्रस्तुत करने का अनोखा प्रयोग किया है। कार्यषाला में भागीदारी निभा रहे चर्चित कलाकार हरेन ठाकुर के अनुसार सर्ड ने यह सकारात्मक प्रयोग करके कलाकारों का मनोबल और सम्मान बढ़ाया है। कार्यषाला में मौजूद कलाकारों के लिए यह प्रसन्नता की बात है कि उन्हें राज्य के विकास में योगदान का अवसर मिल रहा है।
कार्यषाला में शामिल कलाकारों के नाम – दिनेष सिंह (संयोजक), हरेन ठाकुर, सी.आर. हेंब्रम, विष्वनाथ चक्रवर्ती, अमिताभ मुखर्जी, राजीव पाठक, शर्मिला ठाकुर, हिमाद्री रमानी, सपना दास, रंजीत कुमार, मनोज सिन्हा, प्रवीण कर्मकार, अमिताभ सिन्हा, सिम्मी गोस्वामी, अरिंदम बोस, शांतनु डिंडा, षिल्पी रमानी, सुनीता डिंडा, श्रवण कुमार, धु्रव श्रीवास्तव एवं विनोद रंजन।