निर्मल गांव बनाएंगे पंचायत प्रतिनिधि

Holiday Home Group 09-05-14रांची में नौ मई को पंचायत प्रतिनिधियों ने निर्मल ग्राम अभियान चलाने का संकल्प लिया। यूनिसेफ के प्रोग्राम आफिसर श्री कुमार प्रेमंचद नेे प्रत्येक अगुवा पंचायत के मुखिया से तत्काल कम-से-कम एक गांव को खुला शौच मुक्त बनाने का आहवान किया।

इस दौरान झारखंड के पंचायती राज विभाग के निदेशक श्री शशिरंजन प्रसाद सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों को अपने अधिकारों को सही ढंग से समझकर उन पर अमल करने तथा कोई बाधा आने पर नियमानुसार उच्चाधिकारियों से संपर्क करने का सुझाव दिया। उन्होंने बीआरजीएफ योजना के क्रियान्वयन में भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बतायी। उन्होंने सिरका पूर्वी पंचायत, रामगढ़ की मुखिया श्रीमती मंजू जोशी को नई दिल्ली में मिले विशिष्ट महिला पंचायत सम्मान को झारखंड के लिए गर्व का विषय बताया।

झारखंड पंचायत महिला रिसोर्स सेंटर के राज्य समन्वयक डाॅ. विष्णु राजगढि़या ने ग्राम पंचायतों की संरचना का नियम के अनुसार गठन करने संबंधी प्रपत्र भरने की जानकारी दी। उन्होंने पायस पुरस्कार योजना का फार्म भरने में पंचायत की प्रषासनिक संरचना आवष्यक होने का भी उल्लेख किया।

नई दिल्ली में इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेस द्वारा राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर 24 अप्रैल 2014 को आयोजित समारोह में शामिल झारखंड की दस पंचायत प्रतिनिधियों के अनुभव साझा करने के लिए नौ मई 2014 को रांची के होलीडे होम में यह कार्यशाला की गयी। यूनिसेफ, पंचायती राज विभाग और केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा गठित सेंटर फाॅर पीआरआइ, चाइल्ड एंड वुमेन डवलपमेंट स्टडीज ने यह आयोजन किया।

कार्यक्रम में डाॅ. ज्योति बरुआ, श्री देवेंद्र विष्वाल (केंद्रीय विष्वविद्यालय), यूनिसेफ कन्सलटेंट श्रीमती रिचा चैधरी, श्रीमती शैली केरकेट्टा, सामाजिक कार्यकर्ता श्री महेष अग्रवाल, श्री मनोज सिंह सहित अन्य शामिल थे। पंचायत प्रतिनिधियों ने निर्मल ग्राम अभियान अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।