पंचायत को मिली ताकत, हर माह होगी पंचायत की बैठक

panchayat-1झारखंड में पंचायती राज संस्थाओं को एक बड़ी ताकत मिली है। अब हर महीने पंचायत भवन में मुखिया की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक होगी। ऐसी बैठक सुनिष्चित कराने का दायित्व उपायुक्त को दिया गया है। उपविकास आयुक्त को बैठक के लिए वार्षिक कैलेंडर बनाने का दायित्व है। बैठक में दस विभागों के पंचायत स्तरीय सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को रहना होगा और बैठक के निर्देष का पालन करना होगा। लापरवाही करने पर मुखिया की रिपोर्ट के आधार पर एक महीने के भीतर कार्रवाई हो जायेगी। बैठक नहीं कराने पर मुखिया के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

इस पंचायत स्तरीय समीक्षा बैठक के संबंध में झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग ने ज्ञापांक 2176/प0, दिनांक 21.07.2014 जारी कर दिया है। इसमें एक महत्वपूर्ण बात यह है कि यह निर्देष झारखंड के विकास आयुक्त श्री सुधीर प्रसाद के हस्ताक्षर से जारी हुआ है। इसलिए इस आदेष का प्रभावी अनुपालन होना निष्चित है। सरकार द्वारा जारी आदेष इस प्रकार है-

झारखंड सरकार
पंचायती राज एवं एन॰आर॰ई॰पी॰ (विशेष प्रमंडल) विभाग
ग्राम पंचायत स्तरीय समीक्षा बैठक हेतु आदेश

(विकास आयुक्त, झारखंड द्वारा जारी ज्ञापांक – 2176/प0, रांची, दिनांक 21.07.2014)

राज्य में पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बाद 10 विभागों की शक्तियों का प्रत्यायोजन पंचायती राज व्यवस्था को हो चुका है। इन विभागों की नीतियों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सुचारू एवं ससमय सम्पादन हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर मुखिया को महत्वपूर्ण सक्रिय एवं प्रभावशाली भूमिका निभाना है। अतः आवष्यक है कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन सभी विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा तथा समन्वय आधारित संभावनाओं पर पहल किये जाने हेतु कदम उठाये जाये।
इसके लिए निम्नलिखित अनुदेश निर्गत किये जा रहे हैं:-
(1)    पंचायत के पंचायत भवन में प्रतिमाह सभी विभाग के पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों/कर्मचारियों की समीक्षा बैठक आवष्यक है। इसमें सभी विभागों द्वारा क्रियान्वित योजनाओं तथा उनसे संबंधित कर्मियों के बीच समन्वय (Convergence) पर बल दिया जाए। ग्राम पंचायत स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में समन्वय आधारित चिन्हित मुद्दों को ग्राम पंचायत योजनाओं में समाहित किया जा सकता है।
(2)    इस बैठक की तिथि निर्धारित कर वार्षिक कैलेण्डर उपविकास आयुक्त द्वारा जारी कर दिया जायेगा, ताकि सभी कर्मचारियों को उक्त बैठक की पूर्व से ही जानकारी रहे। सिर्फ विषेष परिस्थिति में मुखिया उक्त तिथि में परिवर्तन कर सकते हैं।
(3)    कई पंचायतों में पंचायत सेवक/जनसेवक तथा अन्य कर्मचारी दो या तीन पंचायत के प्रभार में हो, तो उसी अनुसार मासिक बैठक की वार्षिक कैलेण्डर निर्धारित किया जाये ताकि उक्त कर्मचारी सभी बैठकों में भाग ले सकें। मुखिया के अनुपस्थिति में उपमुखिया या वरीय पंचायत समिति सदस्य बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
(4)    पंचायत स्तरीय बैठक में पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, जनसेवक राजस्व कर्मचारी, सहिया (सहिया साथी) कोआॅडिनेटर, ए॰एन॰एम॰, जल सहिया कोआॅडिनेटर, कृषक मित्र कोआॅडिनेटर, संबंधित एनजीओ, आंगनबाड़ी सेविका, कलस्टर कोआॅडिनेटर, षिक्षा विभाग के कलस्टर साधनसेवी/सीआरसी, षिक्षक आदि आवष्यक रूप से भाग लेंगे तथा उपस्थिति पंजी में नाम, पदनाम एवं पूरा हस्ताक्षर (लघु नहीं) अंकित किय जायेगा। मुखिया आवष्यकतानुसार अन्य कर्मियों को भी उक्त बैठक में आमंत्रित कर सकते हैं।
(5)    उक्त बैठक में पंचायत को हस्तांतरित सभी विभागों के कार्यो की प्रगति विशेषकर Flagship कार्यक्रम यथा ICDS, SSA, MDM, NRDWA, NRHM, RKVY, BRGF, IWMP, RGPSA, IAY, MGNREGA, NSAP, NRLM की कठिनाईयों का निवारण एवं शिकायत पर विचार विमर्श किया जायेगा। Flagship कार्यक्रम के मध्य Flagship की संभावनाओं पर ध्यान देते हुए तत्सम्बद्ध पहल किये जाने चाहिये। उक्त बैठक की कार्यवाही पंजी में कार्यवाही अंकित की जायेगी।
(6)    जिन विभागों के पंचायत स्तरीय कर्मचारी नहीं है (जैसे – उद्योग विभाग) तो उनसे संबंधित विषय के क्रियान्वयन हेतु सूचना (महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र) या उनके अनुमण्डल, जिला स्तरीय पदाधिकारियों को लिखित रूप से दी जायेगी तथा वे पंचायत को की गयी कार्रवाई से अवगत करायेंगे।
(7)    पंचायत स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में बिना Reasonable कारण के अनुपस्थित रहना या पंचायत की समीक्षात्मक बैठक में दिये गये निदेष का ससयम अनुपालन नहीं करना गंभीर अनुषासनहीनता एवं लापरवाही माना जायेगा एवं तद्नुसार कार्रवाई मुखिया के प्रतिवेदन पर सक्षम प्राधिकार द्वारा अधिकतम एक माह में निष्पादित किया जायेगा। इसमें किसी प्रकार की षिथिलता एवं टालमटोल भी एक गंभीर अनुषासनिक कार्रवाई का आधार होगा।
(8)    प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सहायक निदेषक, पंचायत राज एवं उप निदेषक, पंचायत राज इस कार्य का समन्यवय एवं त्रैमासिक अनुश्रवण कर नियमित एवं प्रभावषाली बैठक आयोजित कराने के लिए जिम्मेवार/प्राधिकृत पदाधिकारी होंगे तथा अनुश्रवण प्रतिवेदन जिलाधिकारी के माध्यम से विभाग को प्रेषित करेंगे।
(9)    इन बैठकों की कार्यवाही की कम्प्युटर टंकित प्रतिलिपि E-Panchayat के अंतर्गत National Panchayat Portal पर Upload किया जायेगा। इसके लिए कार्यवाही की प्रतिलिपि DPM/कम्प्युटर आॅपरेटर को उपलब्ध कराया जायेगा।
(11)    पंचायत स्तरीय समीक्षात्मक बैठक का प्रभावशाली क्रियान्वयन नहीं करने पर संबंधित मुखिया पंचायत राज अधिनियम की धारा – 30 के अंतर्गत कार्रवाई के लिए जिम्मेवार होंगे।
सभी संबंधित विभाग इस आदेष का अनुपालन एवं अनुश्रवण सुनिष्चित करेंगे। पंचायत स्तरीय उक्त समीक्षात्मक बैठक में अनधिकृत अनुपस्थिति एवं निर्देषों की अवहेलना सरकारी सेवक आचार नियमावली की धारा – 3 का उल्लंघन माना जायेगा। इस आदेष का अनुपालन एवं अनुश्रवण उपायुक्त एवं उपविकास आयुक्त द्वारा नियमित रूप से किया जाना चाहिए।
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विकास आयुक्त, झारखंड
ज्ञापांक – 2176    /प0, रांची, दिनांक 21.07.2014
प्रतिलिपि:- सभी जिला परिषद अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/प्रमुख/पंचायत समिति सदस्य/ मुखिया/उपमुखिया, झारखंड को सूचनार्थ एवं आवष्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित।