पंचायत प्रतिनिधियों ने ली कुपोषण मिटाने की शपथ

06-09-13-Nutrition-1 रांची। झारखंड पंचायत महिला रिसोर्स सेंटर ने 06 सितंबर 2013 को यूनिसेफ के सहयोग से सर्ड में पोषण पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यषाला आयोजित की। इसमें राज्य के लगभग 60 पंचायत प्रतिनिधियों तथा विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधियों ने पोषण पर विषेष ग्राम सभा आयोजित करने संबंधी विषय पर जानकारी प्राप्त की। यूनिसेफ के राज्य प्रमुख श्री जॉब जकारिया, पोषण विषेषज्ञ श्रीमती दीपिका शर्मा तथा संचार अधिकारी मोइरा दवा ने पोषण संबंधी विषयों पर दिषानिर्देष का प्रषिक्षण दिया। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने कुपोषण मिटाने की शपथ ली। इसके लिए 11 बिंदुओं के शपथपत्र को सभी प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से पढ़ा। सभी पंचायतों में पोषण पर विषेष ग्राम सभा करने के लिए विभिन्न पंचायतों के मुखिया ने तिथि की घोषणा भी की। कार्यक्रम में झारखंड को कुपोषणमुक्त बनाने की राह में आने वाली कठिनाईयों और इसके निराकरण की राह में पंचायतों के प्रयासों पर प्रषिक्षण दिया गया।

प्रथम सत्र की शुरूआत करते हुए झारखंड पंचायत महिला रिसोर्स सेंटर के समन्वयक डॉ विष्णु राजगढि़या ने भारत सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायतों में पोषण पर विषेष गाम सभा के आयोजन संबंधी सुझाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार के समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास की प्रधान सचिव श्रीमती मृदृला सिन्हा तथा पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव श्री एल. ख्यांग्ते ने भी संयुक्त पत्र दिनांक 30.09.2013 के माध्यम से राज्य के सभी उपायुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को पोषण पर विषेष ग्राम सभा के प्रचार-प्रसार एवं इसके आयोजन में सहयोग का आग्रह किया है। कई पंचायतों में इसका आयोजन हो चुका है तथा कई पंचायतों से इसके आयोजन की सूचना मिल रही है। उन्होंने कई पंचायतों में इस संबंध में संपन्न ग्राम सभा की भी जानकारी दी।

जिन पंचायतों में विषेष ग्राम सभा का आयोजन हुआ, वहां के पंचायत प्रतिनिधियों को यूनिसेफ के झारखंड प्रमुख श्री जॉब जकारिया ने पुस्तक का उपहार देकर सम्मानित किया। इस दौरान यूनिसेफ प्रतिनिधियों को भी पुस्तक का उपहार देकर स्वागत किया गया।

मंजू जोषी, मुखिया, सिरका पंचायत, रामगढ़ ने अपनी पंचायत में पोषण पर विषेष गाम सभा आयोजित किए जाने के बारे में बताते हुए कहा कि अब हमारी पंचायत इस मसले पर जागरूक हो रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों के बेहतर संचालन, मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी के अलावा स्कूलों में साफ-सफाई के महत्व के बारे में जागरूकता लाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।

रिंकू देवी, मुखिया, हरीना पंचायत, बाघमारा प्रखंड, धनबाद ने बताया कि हरीना में विषेष गाम सभा के द्वारा कुपोषण दूर करने के लिए कार्ययोजना बनायी गयी है। पंचायत में बाल विवाह के बहिष्कार का संकल्प लिया गया है। बेड़ो पंचायत, रांची के पंचायत समिति सदस्य धनंजय राय ने भी अपनी पंचायत में लगातार पोषण सप्ताह के आयोजन और बेड़ो को कुपोषण मुक्त किए जाने की दिषा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।

यूनिसेफ के झारखंड प्रमुख श्री जॉब जकारिया ने कुपोषण को झारखंड का सबसे बड़ा हत्यारा बताते हुए कहा कि इसके कारण हर साल हमारे राज्य में 06-09-13-Nutrition-320,000 बच्चों की मौत हो जाती है। लगभग 6000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ करता है। पंचायतवार तकरीबन 25,000 रुपये तक का नुकसान होता है। सही जानकारी और इसके प्रचार-प्रसार के जरिए इसे रोका जा सकता है। श्री जकारिया ने कहा कि हमारी पंचायतें अगर कुपोषण मुक्त समाज निर्माण के लिए पहल करें, तो इसके सुखद परिणाम मिल सकते हैं। गर्भवती माता के भोजन, आराम, आयरन की गोली की उनके लिए उपलब्धता, नियमित चेकअप, बच्चे के जन्म के बाद से छह माह तक केवल मां के दुध का सेवन, स्कूली बच्चों में खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत विकसित करना ऐसे प्रयासों में शामिल किए जा सकते हैं। असल में समस्या कुपोषण की नहीं है, हम इसके प्रति अच्छी तरह से सचेत नहीं हैं, यह असल बात है। हम सब जानते हैं कि कुपोषण क्या है और यह कैसे हमारी माताओं, बच्चों, किषोरियों को नुकसान पहुंचाता है। पंचायतों को इसके इलाज के लिए आगे आना होगा। वे अगले दो सालों में अपनी-अपनी पंचायतों को कुपोषणमुक्त बनाने का लक्ष्य तय कर उस पर काम करें। हम सब इस नारे को अपनाएं, लागू कर दिखाएं – ‘कुपोषण झारखंड छोड़ो, कुपोषण हमारी पंचायत छोड़ो।’

यूनिसेफ की कम्युनिकेषन ऑफिसर मोइरा दावा ने पंचायतों से कुपोषण को रोकने की दिषा में विषेष ग्राम सभा बुलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा बुलाने का दायित्व मुखिया का है। इसलिए मुखिया द्वारा पोषण पर विषेष ग्राम सभा बुलाने की सूचना जारी की जानी चाहिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य, षिक्षा, स्वच्छता इत्यादि के प्रखंड स्तरीय प्रभारियों को भी आमंत्रित करना चाहिए। विषेष ग्राम सभा में कुछ खास बिंदुओं को केंद्र में रखते हुए चर्चा की जानी चाहिए। मोइरा ने बताया कि राज्य सरकार ने राज्य के सभी 4400 ग्राम पंचायतों में सितंबर माह में पोषण को लेकर यूनिसेफ के सहयोग से विषेष सभा आयोजित करने की सलाह दी है। ग्राम सभा कुपोषण के बुरे प्रभावों, पंचायतों में कुपोषण की स्थिति और इसके निराकरण के अलावा ग्राम पंचायत को कुपोषणमुक्त बनाने के लिए कार्ययोजना भी तैयार करेगी।

यूनिसेफ की न्यूट्रिषन ऑफिसर दीपिका शर्मा ने कहा कि एक कुपोषण होता है जो दिखता है और दूसरा जो उपर से नहीं दिखता। जल्दी थकना, सांस फूलना, हांफना और ऐसे ही अन्य लक्षण इसकी निषानी हैं। इसे देखने की जरूरत है। कुपोषण को रोकने और इससे मुक्ति के लिए रणनीति बनानी होगी। और जो भी रणनीति बने, उसका क्रियान्वयन और उसकी निगरानी भी जरूरी है। विषेष ग्राम सभा में पांच एजेंडों को सामने रखकर योजनाएं बनायी जा सकती हैं।

ये एजेंडे इस तरह हो सकते हैं –
एजेंडा नंबर एक – कुपोषण के दुष्प्रभाव
कुपोषण के कारण किसी बच्चे का बौद्धिक, मानसिक और शारीरिक विकास रूक जाता है।  बच्चों के लिए जन्म के बाद के शुरूआती दो साल बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान होने वाली हानि की भरपाई कभी नहीं हो सकती है। महिलाओं में कुपोषण के कारण खून की कमी और एनीमिया होता है। ऐसी मां के बच्चे कमजोर एवं कम वजन वाले पैदा होते हैं। किषोरियों में भी एनीमिया की समस्या होने की समस्या दिखती है।

एजेंडा नंबर दो- कुपोषण एवं एनीमिया की स्थिति
कुपोषण एवं एनीमिया की स्थिति पर चर्चा के तहत झारखंड और इसके सभी पंचायतों में कुपोषण की स्थिति के बारे में बातें की जा सकती हैं। हमारे राज्य में दस में से पांच बच्चे कुपोषित हैं। यहां जन्मे हर तीन में से एक बच्चे का वजन 2.5 किग्रा से भी कम होता है। यहां की दस में से सात महिलाओं एवं किषोरियों में खून की कमी है।

अपनी-अपनी पंचायतों में कुपोषण की स्थिति को देखें। बात करें कि क्या आपकी पंचायतों में भी यही स्थिति है जो समूचे झारखंड की है। या इससे बेहतर है या इससे भी खराब। पांच साल तक के बच्चों की संख्या, अल्प कुपोषित बच्चे और अति-कुपोषित बच्चों की संख्या कितनी है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन मषीन है या नहीं। ऐसे ही अन्य मामलों की पड़ताल करें।

एजेंडा नंबर तीन – कुपोषण रोकने के उपाय
किसी बच्चे के जन्म के एक घंटे के अंदर उसे अपनी मां का दूध ही मिले, यह बहुत महत्वपूर्ण है। यहां तक कि बच्चे को छह माह तक केवल अपनी मां का दूध मिलना चाहिए। सातवें महीने से बच्चे को मां के दूध के साथ ही उपरी आहार भी देना शुरू कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को तीन महीने तक हर दिन एक आयरन टेबलेट मिले, समुचित आराम भी। हर सप्ताह आयरन की एक नीली टेबलेट स्कूल नहीं जाने वाली किषोरी बालिकाओं को मिलना चाहिए। भोजन करने से पूर्व और शौचालय जाने के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत सबों में हो। प्रथम वर्ष में बच्चे को पांच टीके लगाने का ध्यान रखें। अति गंभीर कुपोषित बच्चे को कुपोषण उपचार केंद्र भेजा जाए।

एजेंडा नंबर चार – पंचायत क्षेत्र में कुपोषण एवं एनीमिया रोकने का एक्षन प्लान
खुली चर्चा में कुपोषित बच्चों की पहचान और उनकी देखभाल, निगरानी पंचायत तय करे। हर किषोरी व गर्भवती को आयरन टेबलेट मिले, यह भी जरूरी है। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्तनपान कराने और इस संबंध में गलत धारणाओं पर विराम लगाने के लिए भी पंचायत कदम बढ़ाए।
चपका पंचायत, गुमला की मुखिया लीलावती देवी ने ग्राम सभा में चारों एजेंडों पर चर्चा के बाद सबसे आखिर में उपस्थित सभी पंचायत प्रतिनिधियों से नारा लगवाया- कुपोषण भारत छोड़ो, कुपोषण झारखंड छोड़ो, कुपोषण हमारी पंचायत छोड़ो, कुपोषण हमारा गांव छोड़ो।

कसमार, बोकारो की मुखिया तारा देवी ने अपनी पंचायत में होने वाले विवाह को पंचायत द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्र के बारे में बताया। कहा कि बाल विवाह रोकने के  लिए हमारी पंचायत ने ऐसा किया है। जिस किसी के यहां शादी कार्यक्रम होता है, हम उस परिवार और लड़के-लड़की की पड़ताल करते हैं कि कहीं वे नाबालिग तो नहीं। इसी आधार पर शादी होने के बाद पंचायत वर-वधु पक्ष को शादी का प्रमाण पत्र जारी कर रही है।

टाटी पूर्वी, रांची की मुखिया किरण पाहन ने कहा कि हमारे यहां विषेष ग्राम सभा हो चुकी है। टार्टी पूर्वी पंचायत को कुपोषणमुक्त बनाने के लिए कार्ययोजना बन चुकी है। अब हम उसके क्रियान्वयन की ओर बढ़ रहे हैं।

यूनिसेफ की कंसल्टेंट रिचा चैधरी ने पंचायतों से समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और उनकी ओर से पंचायतों को सौंपे गये अधिकारों के बारे में जानने, समझने की अपील की। कहा कि एक बार समुचित जानकारी होने के बाद कुपोषण के खिलाफ योजना निर्माण और उनका क्रियान्वयन आसान होगा। श्रीमती चैधरी की अगुवायी में उपस्थित सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने शपथ पत्र पढ़ा और अपनी पंचायत को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने की कसम ली।

पंचायती राज विषेषज्ञ अजीत कुमार सिंह ने पायस योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत किया जाना है। तीन पंचायत, दो पंचायत समिति और एक जिला परिषद को प्रधानमंत्री द्वारा अगले वर्ष 24 अप्रैल को सम्मानित किया जाएगा। जिला परिषद के लिए 40 लाख, पंचायत समिति को 20 और पंचायतों को 10 लाख रुपये मिलेंगे। श्री सिंह ने पंचायतों, पंचायत समिति और जिला परिषद को पायस योजना के तहत आवेदन करने और उसे भरे जाने की प्रक्रिया के बारे में समझाते हुए कहा कि पूरी ईमानदारी से फॉर्म भरें। वाजिब सूचनाएं भरें। उन्होंने कहा कि बेहतरीन पंचायतों को चुनने के अलावा हम वैसी पंचायतों को भी चिह्नित करेंगे जिनका प्रदर्षन खराब रहेगा। जिन पंचायतों का नंबर नौ से कम होगा, वे बीमार पंचायतों का तमगा पायेंगी।

सत्र के आखिर में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों और एनजीओ प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी पंचायतों में सितंबर माह में कराए जाने वाली विषेष ग्राम सभा की आयोजन तिथि के बारे में बताया। जेपीडब्लूआरसी के समन्वयक डॉ विष्णु राजगढि़या ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उम्मीद जताते हुए कहा कि सभी पंचायतें अपने-अपने यहां विषेष ग्राम सभा का आयोजन करेंगी। इसके जरिए अपनी पंचायत को स्वस्थ बनाएंगी, बच्चों, महिलाओं का भविष्य सुरक्षित करेंगी।

प्रतिभागियों की सूची

क्र

प्रतिभागी का नाम पदनाम जिला

मोबाईल संख्या

1

उपेन्द्र कुमार कुशवाहा मुखिया पलामू

9661932374

2

लक्ष्मी मेहता सामाजिक कार्यकर्ता पलामू

9661932374

3

लीलावती देवी मुखिया गुमला

9939663542

4

सबिहा नाज सुपरवाईजर जामताड़ा

9031142637

5

जय प्रकाश शाही सचिव, चेतना रांची

9431997789

6

प्रितम बानिक वार्ड सदस्य रांची

9931102135

7

सुशीला हेम्ब्रम एनजीओ एएए दुमका

8809939068

8

देेवोरत सिन्हा प्रखंड समन्वयक, बीपीएमयू पूर्वी सिंहभूम

9693339075

9

कल्पना सोरेन मुखिया पूर्वी सिंहभूम

9608332500

10

करमी सोरेन मुखिया पूर्वी सिंहभूम

9835044733

11

सुशान्तों टुडू पंचायत समिति सदस्य पूर्वी सिंहभूम

9931457168

12

मल्लिका राॅय उप-मुखिया पूर्वी सिंहभूम

9204441375

13

तेजी किस्पोट्टा मुखिया खलारी, रांची

8987460443

14

बिरसा उरांव मुखिया रांची

9661517268

15

के.एल.चैधरी संयुक्त सचिव केजीवीके, रांच

9431109265

16

प्रीति प्रोजेक्ट मैनेजर जीएसएसएल

9386806428

17

बबीता कश्यप परियोजना समन्वयक रांची

9308324312

18

दिनेश कुमार मेहता सचिव रांची

9470166671
9334456411

19

बैैजनाथ महली मुखिया रांची

7677246163

20

धनंजय कुमार रांॅय पंचायत समिति सदस्य, बेड़ो रांची

9931583104

21

राजेश कुमार भगत lkekftd dk;ZdrkZ रांची

9631200274

22

सुनिता देवी मुखिया ykrsgkj

9304686265

23

पुतुल देवी मुखिया रांची

9431911084

24

रविन्द्र एकाउन्टेंट रांची

9504900585

25

रोजदानी तिग्गा मुखिया, इटकी रांची

9097454268

26

मेलोनी मिंज मुखिया रांची

8757518484

27

बुधवा उरांव मुखिया रांची

9572900546

28

राजू खलखो पंचायत समिति सदस्य रांची

9999570991

29

मंजू जोशी मुखिया, सिरका रामगढ़

8409378512

30

दिवाकर प्रसाद सिंह मुखिया रामगढ़

9905518600

31

श्रीकान्त मिश्रा सेवानिवृत वन क्षेत्र अधिकारी रांची

9199369901

32

सुदर्शन भेंगरा पंचायत समिति सदस्य खुँटी

9534196964

33

विश्वासी हेम्ब्रम पंचायत समिति सदस्य खुँटी

9608794986

34

टुनटुन टोपनो पंचायत समिति सदस्य खुँटी

8002481643

35

जयमंगल गुडि़या पंचायत समिति सदस्य खुँटी

7631227199

36

एमरेन्सिया कुजूर मुखिया गुमला

8986650401

37

धर्मवीर प्रसाद सचिव, दिव्य दृष्टि, एनजीओ, बाघमारा धनबाद

9835961192

38

सत्येन्द्र प्रसाद सचिव, दिव्य दृष्टि, एनजीओ, बाघमारा धनबाद

9307664143

39

रिंकु देवी मुखिया, हरिणा पंचायत, बाघमारा धनबाद

7250699951

40

जीवन सचिव, धारा बोकारो

8987418181

41

तारा देवी मुखिया, कसमार बोकारो

9430759010

42

किरण पूर्वी सिंहभूम

9431906190

43

आभा पूर्वी सिंहभूम

44

मेनका पूर्वी सिंहभूम
  45 किरण पहान मुखिया, टाटी पूर्वी रांची

46

अनिता देवी मुखिया रांची

47

अर्र्जुन साव प्रेसिडेंट, झारखंड सेवा मंडल हजारीबाग

48

सुखदेव महतो पंचायत प्रतिनिधि, कटकमसांडी हजारीबाग

49

दिपक पूर्वी सिंहभूम

50

साहेब राम मुखिया पूर्वी सिंहभूम

51

करटेशवर डे पंचायत समिति सदस्य पूर्वी सिंहभूम

52

पूनम मरांडी मुखिया पूर्वी सिंहभूम

53

पानमोनी मुखिया पूर्वी सिंहभूम

54

रानम सिंह प्रेसिडेंट, नारी सेवा समिति रांची

55

कमला देवी प्रेसिडेंट, नारी सेवा समिति रांची

56

रिचा चैधरी यूनिसेफ कान्सल्टेंट, पंचायती राज

57

सिकंदर कुशवाहा यनिसेफ कान्सल्टेंट रांची

58

विपलव कुमार पंचायतनामा रांची

59

पंकज कुमार पंचायतनामा रांची

60

अवनीश सिन्हा रांची

61

रीना देवी मुखिया रांची

62

विवेक कुमार सामाजिक कार्यकर्ता रांची

63

शिव चरण हांडा मुखिया पूर्वी सिंहभूम

64

विक्की कुमार सामाजिक कार्यकर्ता रामगढ़

65

बबला कुमार सर्ड, रांची रांची

66

अजय कुमार सर्ड, रांची रांची

67

अजीत कुमार सिंह सीटीआई रांची