बाल संरक्षण पर पंचायत प्रतिनिधियों का तीन दिवसीय प्रषिक्षण प्रारंभ

02-12-13 Child_Ashokaरांची, 02 दिसम्बर 2013 – झारखंड पंचायत महिला रिसोर्स सेंटर का तीन दिवसीय प्रषिक्षण आज होटल अषोका में प्रारंभ हुआ। महिलाओं एवं बच्चों के अधिकार पर यूनिसेफ एवं सर्ड के सहयोग से पंचायत प्रतिनिधियों के लिए इस प्रषिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रारंभ में झारखंड पंचायत महिला रिसोर्स सेंटर के राज्य समन्वयक डॉ. विष्णु राजगढि़या ने राज्य में महिलाओं एवं बच्चों संबंधी मामलों में पंचायत की भूमिका पर प्रकाष डाला। यूनिसेफ अधिकारी श्री कुमार प्रेमचन्द ने बाल, विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी जैसे मामलों में झारखंड की मौजूदा स्थिति पर प्रेजेन्टेषन दिया। सर्ड के निदेषक श्री आर०पी०सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि झारखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. महुआ माजी ने महिला अधिकारों के संरक्षण में आयोग की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने गत दिनों चतरा में एक महिला वार्ड सदस्य के साथ अंधविष्वास के कारण किए गए अत्याचार की घटना की चर्चा करते हुए बताया कि राज्य महिला आयोग ने इस प्रकार स्वतः संज्ञान लेकर प्रषासन से तत्काल रिपोर्ट मांगी है।

02-12-13 Ashoka Participantsयूनिसेफ के राज्य प्रमुख श्री जॉब जकारिया ने बाल विवाह के कारण होने वाली जटिलताओं की चर्चा करते हुए पंचायत प्रतिनिधियों से इसे रोकने का संकल्प लेने का आह्वान किया। यूनिसेफ अधिकारी श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव ने समेकित बाल संरक्षण योजना के प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम में सर्ड के फेकेल्टी श्रीमती शुभा कुमार, श्रीमती मिनी रानी शर्मा, राजीव रंजन, यूनिसेफ कंसल्टेंट सुबीर कुमार दास शामिल हुए। प्रषिक्षण के दूसरे दिन कल बाल एवं महिला अधिकारों से जुड़े विषयों पर समूह चर्चा की जाएगी।